रायपुर (समाधान न्यूज़ नेटवर्क)। डीकेएस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, सिम्स बिलासपुर के शासकीय चिकित्सालय में लॉन्ड्री निविदा में करोड़ों का टर्नओवर मांगे जाने की शिकायत की। समाज के लोगों ने रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी के निर्देशन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को बताया कि जिन लोगों ने इस प्रकार से टर्नओवर मांगा है, उन्हें लॉन्ड्री का कार्य करने वाले पैतृक व्यवसायिक धोबी नहीं चाहिए बल्कि उन्हें व्यापारी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री ने जमकर नाराजगी जाहिर की और अपने अधीनस्थ अधिकारियों से कहा- अगर पैतृक व्यवसाय करने वालों के पास करोड़ों का टर्नओवर होता तो लॉन्ड्री का काम ही क्यों करते, उन्होंने अपने निकटतम अधिकारियों से कहा- तत्काल रिपोर्ट मंगवाईए और जिन लोगों ने इस प्रकार से विवादास्पद टेंडर निकलवाया है सबको रद्द करें और धोबी समाज के लोग टेंडर ले सके इस प्रकार से टर्नओवर बनवाएं। उन्होंने कहा- राज्य के सबसे बड़े अस्पताल डॉक्टर भीमराव अंबेडकर में भी किसी भी प्रकार से टर्नओवर नहीं मांगा जाता जबकि डी के एस मेकाहारा के मुकाबले में बहुत छोटा अस्पताल है। स्वास्थ्य मंत्री ने पूरा रिपोर्ट मंगवा कर उक्त विवादास्पद टेंडर को निरस्त किए जाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर समाज के प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर, प्रथम महामंत्री हेमंत निर्मलकर, छत्तीसगढ़ मेडिकल कॉरपोरेशन के अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़िया नेता लख नारायण तिवारी, बिलासपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता द्वारिकेश पांडे, रायपुर के अध्यक्ष वरुण निर्मलकर, युवा प्रदेश अध्यक्ष रोशन निर्मलकर, बिलासपुर जिला संगठन प्रभारी रामायण रजक आदि अनेक पदाधिकारी ने स्वास्थ्य मंत्री को कुछ अधिकारी के द्वारा मनमानी किए जाने की शिकायत की। समाज के लोगों ने कहा- किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए आपस में अधिकारी मिलकर टर्नओवर तैयार किया है, जो पैतृक व्यवसाय करने वाले धोबी समाज के लोगों के साथ अन्याय हैं।







